वैश्विक स्तर पर प्रासंगिक बने रहने के लिए कौशल के साथ 'सोच की क्षमता का विकास' भी जरूरी: केंद्रीय मंत्री जितेंद्र सिंह
वैश्विक स्तर पर प्रासंगिक बने रहने के लिए कौशल के साथ 'सोच की क्षमता का विकास' भी जरूरी: केंद्रीय मंत्री जितेंद्र सिंह
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